कितना सच बता पाएगा तू अपने बारे में मुस्तन
कितना सच तेरे बारे में लोग सुन पाएंगे
एक दिन आएगा तेरे गम पर हंसी
और तेरे खुशी पे आंसू बहाएंगे
करता रहे मुसलसल तू अपने दिल की कही - मुसलसल - continuously, हमेशा
दोस्तों से दोस्ती, दुश्मनों से भी दोस्ती
की दिल की कही से होंगे हालात ऐसे मुक़म्मल - मुक़म्मल - establish
खुशी से तेरे दोस्त तेरे दुश्मन बन जाएंगे
क्यूँ तेरी कही में भी इतनी चुप्पी है
और क्यूँ तेरी खामोशी का सार ख़तम नही होता - सार - मतलब, meaning
जब तेरे जानिब समझेंगे इन भेद को - जानिब - जान पहचान वाले, acquaintances
उस दिन शायद तेरे लफ्जों के मतलब ही बदल जाएंगे
जब तू तेरे दिल की बातों को बेपर्दा कर ही चुका है
तो इन्हे समझे कोई इसका इंतज़ार न कर
गर न समझा कोई तो तुझसे सब लड़ बैठेंगे
गर समझ गए तो तुझे दिल दे जाएंगे
तुझसे मोहब्बत करना इतना आसान नहीं
की एक भी खूबी तो नहीं जो हो वल्लाह सब से - वल्लाह - बहुत अच्छा, very good
पर जो कोई तेरी खूबियों को भांप सके
तेरे यार नही तो कदरदान बन ही जाएंगे
क्यूँ करता नहीं है तू फ़िर किसी से मोहब्बत
शुरू करता नहीं है फ़िर से सिलसिला दिल्लगी का
क्या डरता है की हासिल बिना नफरत घेर लेगी तुझको
की हर बार की तरह प्यार के माँईने ही बदल जाएंगे
गर करे तू किसी से मोहब्बत तो जिद्द न कर मुस्तन
जाने दे उसको छोड़ दे, मत रोक बांह पकड़ के
जो वो न लौटे तो वो तेरा प्यार था ही नही कभी
गर जो था, तो शर्माएंगे लौट आएँगे
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