हर वक्त हर जगह मौजूद जिसे केह्ते है
उस खुदा को मैंने इस ज़मीन पे देखा है
लोगों ने उन्हें पत्थरों में ढूँढ निकला
मैंने उनके बाद भगवन को दोस्तों में देखा है
कि कोई वक्त नहीं, कोई पल ऐसा नहीं होता
कोई लम्हा नहीं होता जब मैं उसके बगैर हूँ
क्यूंकि जब वो है दूसरो के दुःख देखने जाता
मैंने मेरे दुःख में अपने दोस्तों को रोते देखा है
कोई अरकान नहीं करते ऐसा, पर ऐसा करते है - अरकान - कोई काम, act, deed, action
कि लगता है मेरी उदासी के है वो दुश्मन
और मेरी मुस्कान का हर राज़ उनके पास है
कि उन्हें मुझे हर पल सिर्फ़ हसाते हुए देखा है
हर वक्त जब मुश्कील की दस्तक मुझे सुनाई देती
मुझे पता है मुझे किसका डर है खटखटाना
उपरवाले को जब भी दुआ की है ऐसे वक्त में
मैंने बाहें फैलाए उनको दरवाज़े पे देखा है
की है और किसकी ताकत जो वक्त को रुका दे
कुछ ऐसा कर दे तुझे की तेरा हर गम भुलादे
एक शाम बैठ के देख ज़रा मेरे यारों के साथ
की मैंने दुश्मनों को ऐसे वक्त की आरजू में देखा है
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